Thursday, 21 February 2019

गौमूत्र से होते हैं स्वास्थ्य के ये 10 फायदे ! फायदा नंबर 2 और 8 तो है खास आपके लिए !

हिंदू धर्म के अनेक ग्रंथों में गौमूत्र से मिलने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है. यहां तक कि वैज्ञानिकों ने भी गौमूत्र को कीटाणुनाशक और शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में सहायक माना है. गोमूत्र में कार्बोलिक एसिड, यूरिया, फास्फेट, यूरिक एसिड, पोटैशियम और सोडियम होता है यानि शरीर की बीमारियों को ठीक करने के लिए जितने तत्वों की जरूरत होती है वो सब गौमूत्र में उपलब्ध हैं. 1- वात , कफ और पित्त में कारगर वात,कफ और पित्त के कुल 148 रोग होते हैं. इन रोगों को अकेले खत्म करने की क्षमता अगर किसी वस्तु में है तो वो है देसी गाय का गौमूत्र. वात, कफ और पित्त को सम अवस्था में लाने के लिए गौमूत्र सबसे ज्यादा कारगर साबित होता है. 2- पेट की समस्याओं के लिए फायदेमंद एसिडिटी, हाईपर एसिडिटी, अल्सर, कब्ज और पेट में घाव जैसी समस्या होने पर गौमूत्र का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके साथ ही पित्त के रोगियों के लिए गौमूत्र और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर उसका सेवन करना काफी फायदेमंद होता है. 3- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए गौमूत्र का नियमित रुप से सेवन करने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और इसके सेवन से कई बीमारियां आपसे कोसों दूर भागने लगती हैं. जिससे बीमारियां शरीर में प्रवेश नहीं कर पाती हैं. 4- त्वचा की समस्याओं को दूर करे गौमूत्र त्वचा की कई समस्याओं को दूर करता है. अगर आपकी त्वचा पर सफेद धब्बे हैं तो फिर गौमूत्र से अपनी त्वचा की मालिश करें. इससे त्वचा के सफेद धब्बे दूर हो जाएंगे. इसके अलावा दाद, खाज, खुजली और एग्जिमा पर हर रोज गौमूत्र लगाने से राहत मिलती है. 5- आंखों के काले घेरे मिटाने में कारगर अगर आपकी आंखों के नीचे काले धब्बे हो गए हैं तो फिर अपनी आंखों के नीचे हर रोज सुबह के वक्त गौमूत्र लगाएं. इससे आंखों के नीचे के काले धब्बे दूर हो जाएंगे. अगर मौमूत्र ना मिले तो फिर उसके अर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं. 6- बुखार और बीमारी से दिलाए राहत अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर और लंबी बीमारी से पीड़ित है तो फिर पीड़ित को कम से कम 3 महीने तक गौमूत्र का सेवन करना चाहिए. जबकि छोटी बीमारी के लिए 2 हफ्ते से 1 महीने तक गौमूत्र का सेवन करने से पीड़ित को काफी आराम मिलता है. 7- कई बीमारियों के इलाज में कारगर आधा कप गोमूत्र सुबह खाना खाने के एक घंटे पहले पीने से बवासीर, आर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द, दिल की बीमारी और कैंसर जैसी बीमारियों में फायदा पहुंचाता है. इससे सर्दी-खांसी, जुकाम, अस्थमा और टीबी जैसी बीमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है. 8- टीबी रोग का जड़ से करे खात्मा टीबी की बीमारी से पीड़ित मरीज अगर डाट्स की गोलियों के साथ गौमूत्र का सेवन करे तो इससे होनेवाला फायदा 20 गुना ज्यादा बढ़ जाता है. सिर्फ गौमूत्र पीने से टीबी की बीमारी 3 से 6 महीने में ठीक हो जाती है. जबकि डॉट्स की गोलियों और गौमूत्र का एक साथ सेवन करने से टीबी 2 से 3 महीने में ठीक हो जाती है. 9- आंख के रोगों में फायदेमंद मोतियाबिंद, ग्लुकोमा, रैटिनल डिटैचमेंट जैसी आंखों की गंभीर बीमारियों के साथ-साथ आंखों का लाल होना, आंखों से पानी निकलना और आंखों में जलन जैसी समस्या होने पर गौमूत्र का सेवन करना चाहिए. गौमूत्र का सेवन करने से आंखों से चश्मा भी उतर जाता है. 10- मूत्र व किडनी के रोग में कारगर मूत्र पिंड के सभी रोग जैसे किडनी फेल होने और किडनी के दूसरे तकलीफों से निजात दिलाने के लिए गौमूत्र को काफी कारगर माना गया है. इन समस्याओं से राहत पाने के लिए हर रोज सुबह के वक्त आधा कप गौमूत्र का सेवन करना चाहिए. गौरतलब है नियमित रुप से गौमूत्र का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे किसी भी बीमारी का खतरा नहीं होता है और व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सेहतमंद बना रहता है.

Tuesday, 19 February 2019

श्री रविदास जयंती पर सभी देश वासियों को श्री लाडवा गौशाला की तरफ से हार्दिक सुभकामनाये


छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर श्री लाडवा गौशाला , लाडवा हिसार की तरफ से सुभकामनाये

शिवाजी के समक्ष एक बार उनके सैनिक किसी गाँव के मुखिया को पकड़ कर ले लाये . मुखिया बड़ी-घनी मूछों वाला बड़ा ही रसूखदार व्यक्ति था, पर आज उसपर एक विधवा की इज्जत लूटने का आरोप साबित हो चुका था. उस समय शिवाजी मात्र १४ वर्ष के थे, पर वह बड़े ही बहादुर, निडर और न्याय प्रिय थे और विशेषकर महिलाओं के प्रति उनके मन में असीम सम्मान था.

उन्होंने तत्काल अपना निर्णय सुना दिया , ” इसके दोनों हाथ , और पैर काट दो , ऐसे जघन्य अपराध के लिए इससे कम कोई सजा नहीं हो सकती .”

शिवाजी जीवन पर्यन्त साहसिक कार्य करते रहे और गरीब, बेसहारा लोगों को हमेशा प्रेम और सम्मान देते रहे.

Tuesday, 12 February 2019

आयुर्वेद का मतलब है ‘जीवन का शास्त्र’।

आयुर्वेद का मतलब है ‘जीवन का शास्त्र’। आयुर्वेद का मानना है कि अगर शरीर स्वस्थ हो तो आप ज्यादा बेहतर जीवन जी सकते हो। इसका उपयोग हजारो सालों से भारत में हो रहा है। अनेक रोग और व्याधिओं से मुक्ति पाने के लिए आज भी आयुर्वेद का उपयोग किया जाता है। तो आज हम देखेंगे, आयुर्वेद पर आधारित कुछ ऐसे उत्पाद जिनके उपयोग से आप स्वस्थ जीवन की तरफ बढ़ सकते हो।


Thursday, 7 February 2019

गाय के द्वारा HIV और कैंसर का ईलाज किया जा सकता है

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Sunday, 3 February 2019

#HIV #cancer कैंसर व एड्स का इलाज का इलाज मिल गया है

अमेरिकी शोधकर्ताओं का कहना है कि गायों ने एचआईवी से निपटने के लिए एक "पागल" और "दिमाग उड़ाने" की क्षमता दिखाई है। टीकाकरण के लिए पहले में, जानवरों ने तेजी से विशेष प्रकार के एंटीबॉडी का उत्पादन किया जो एचआईवी को बेअसर कर सकते हैं। यह माना जाता है कि गायों को उनके जटिल और बैक्टीरिया से भरे पाचन तंत्र के कारण एक सर्वोच्च प्रतिरक्षा रक्षा विकसित हुई। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने कहा कि निष्कर्ष "बहुत रुचि" के थे। एचआईवी एक फिसलन और नापाक प्रतिद्वंद्वी है। यह इतनी आसानी से उत्परिवर्तित होता है कि हर बार एक मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को वायरस पर हमला करने का एक तरीका मिल जाता है, एचआईवी इसकी उपस्थिति को बदल देता है। हालांकि, रोगियों का एक छोटा सा अनुपात अंततः संक्रमण के वर्षों के बाद "मोटे तौर पर तटस्थ एंटीबॉडीज" विकसित करता है। ये अटैक पार्ट्स वायरस को बदल नहीं सकते हैं। एक वैक्सीन जो प्रतिरक्षा प्रणाली को व्यापक रूप से बेअसर करने वाले एंटीबॉडी को प्रशिक्षित कर सकती है, लोगों को पहली बार संक्रमित होने से रोकने में मदद करनी चाहिए। लेकिन कोई भी जाब काम नहीं कर सकता। बुल्सआई तब इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव और स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने गायों का टीकाकरण करने की कोशिश की। शोधकर्ताओं में से एक, डॉ। डेविन सोक ने बीबीसी समाचार वेबसाइट को बताया, "प्रतिक्रिया ने हमारे दिमाग को उड़ा दिया।" https://youtu.be/-MDToAlqRQM - Thanks & Regards Shree Ladwa Gaushala,Ladwa Hisar(Haryana) India Phone: 9416160713, 9992186600, 9896600713, 9813411982 shreeladwagaushala@gmail.com www.shreeladwagaushala.org